आईएलडी बीमारी(इन्टर्स्टिशल लंग डिजीज): प्रारंभिक लक्षण और कारण

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आईएलडी एक बीमारी नहीं बल्कि कई बीमारियों के समूह को कहते है| आईएलडी में कम से कम 30 से ४० बीमारिया आती है जिसके कारण फेफड़ो की संरचना पर बुरा असर पड़ता है|

आईएलडी के कारण फेफड़ो में स्कार कोशिकाएं (घाव के बाद बनने वाली कोशिकाएं) बनने लगती है|जिसकी वजह से श्वास लेनी की प्रक्रिया में बाधा आने लगती है और इसकी वजह से खून में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है |

लंग पैरेन्काइमा की बिमारी

विभिन्न प्रकार की आईएलडी फेफड़े की एक विशेष कोशिका “पैरेन्काइमा” को नुक्सान पहुँचती है |यह पैरेन्काइमा नमक कोशिका ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के आदान-प्रदान में सहायक होती है |

आईएलडी के लक्षण

  • सांस की कमी
  • सुखी खासी
  • सीढ़ी चढ़ने के बाद थकान होना
  • ऑक्सीजन की कमी
  • हाथ और पैर नीले पड़ना

आईएलडी किन कारणों से हो सकता है?

सिगरेट पीना: आईएलडी के कुछ प्रकार उन लोगो को हो सकता है जो या तो सिगरेट पीते है या फिर पहले कभी सिगरेट पीते है|

विकिरण और कीमोथेरेपी :अगर आपकी छाती में कभी कीमोथेरेपी की गयी है या विकरण का प्रयोग किया गया है तो आपको आईएलडी होने की सम्भावना है|

आयु: आईएलडी बच्चो की अपेछा बड़ो में ज्यादा होता है|

अपच और अम्ल प्रतिवाह : अगर आपको अनियंत्रित रूप से अपच और अम्ल प्रतिवाह हो रहा है तो आपको आईएलडी होने की सम्भावना है |

विषाक्त पदार्थो के संपर्क में आना :अगर कोई खेती, खनन, गृह निर्माण जैसे कामो में कार्यरत है या फिर कोई ऐसा काम करते है जिसमे विषाक्त पदार्थो का सीधा संपर्क होता है |तो ऐसे कामो में कार्यरत व्यक्ति को आईएलडी होने का ज्यादा सम्भावना होती है

आईएलडी की रोकथाम

धूम्रपान न करे :फेफड़ो की बिमारी से परेशान व्यक्ति को धूम्रपान नहीं करना चाहिए|अगर आपको धूम्रपान करने की लत है तो इस बारे में अपने डॉक्टर को बताये |
सांस की बीमारियों के लिए टीकाकरण करवाए : फेफड़ो की बिमारी सर्दी-जुखाम से और गंभीर हो जाती है इसलिए टीकाकरण करवाए |

 

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