मिसकैरेज के कारण और लक्षण

0
73

अगर गर्भावस्था के २० हफ्तों के अंदर किसी कारणवश भ्रूण की मृत्यु हो जाये तो इसे मिसकैरेज कहते है|गर्भवती महिलाओ के लिए यह स्थिति मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत ही दर्दनाक होती है |

आइये हमारी स्त्री रोग विशेषज्ञ से जाने की मिसकैरेज के प्रमुख लक्षणों के बारे में :

मिसकैरेज के प्रमुख लक्षण:

  • पेट में हल्का दर्द
  • योनि के रास्ते से खून आना
  • ऐठन या बिना ऐठन के साथ भूरे, गाढ़े लाल रंग का खून आना
  • कमर में दर्द (हलके से तीव्र अस्तर का दर्द )
  • ऊतक के साथ खून के थक्के जैसी चीज़ का योनि के रास्ते बहार आना

अगर किसी गर्भवती महिला को यह सारे लक्षण हो रहे हो तो उसे जल्दी से किसी स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए|

गर्भपात(मिसकैरेज) के प्रमुख कारण

आइये हमारी स्त्री रोग विशेषज्ञ से जानते है मिसकैरेज( गर्भपात ) के प्रमुख कारणों के बारे में :
डॉ. अनिता के अनुसार, गर्भपात(मिसकैरेज ) के लगभग ५०% मामले अज्ञात कारणों से होता है और बाकी बचे ५०% मामलो में कुछ सामान्य कारण होते है आइये इन कारणों को विस्तार से समझते है :

अनुवांशिकी के कारण गर्भपात(मिसकैरेज):

यह गर्भावस्था के पहले ३ महीनो के दौरान भ्रूण की मृत्यु का सबसे सामान्य कारण है |अनुवांशिक कारणो से भ्रूण के बनने में खराबी आ जाती है (माता के अंडाणु और पिता के शुक्राणुओं में से किसी एक में दोष के कारण भ्रूण के बनने में समस्या आती है )

गर्भाशय में दोष

गर्भावस्था की दूसरी तिमाही (३-६ महीने तक) में यह भ्रूण मृत्यु का सबसे आम कारण होता है |योनि के अंदर ग्रीवा कई बार गर्वधारण के लिए अछम होता है| कई बार ग्रीवा गर्भधारण के दौरान पूरी तरह बंद नहीं होता या फिर भ्रूण के पूर्ण विकास से पहले ही खुलने लगता है इसे हम ग्रीवा की अछमता कहते है |

कई बार योनि में रेशेदार गांठे बन जाती है जिससे भ्रूण को बड़ा होने के लिए ज्यादा जगह नहीं मिलती है और इस कारण से भी गर्भपात(मिसकैरेज ) हो जाता है |

एक गर्भवती के लिए गर्भपात बहुत ही दर्दनाक और सदमे भरा अहसास होता है, इसलिए गर्भवती होने की योजना बनाने के पूर्व सारी जांच करा लेनी चाहिए ताकि गर्भावस्था के दौरान कोई समस्या न आये और मिसकैरेज(गर्भपात) जैसी समस्या से भी बचा जा सके |

 

शेयर करें

कोई टिप्पणी नहीं है

कोई जवाब दें